DDU-GKY 2.0: ग्रामीण युवाओं (उम्र 15-35) के लिए 3–12 महीने की फ्री स्किल ट्रेनिंग — अक्टूबर 2026 बैच में 70,000 सीटें, पात्रता अभी जांचें और आवेदन का तरीका जानें।
By Scheme Tools Editorial Team · अंतिम अपडेट: 2026-10-10
DDU-GKY 2.0 — पात्रता चेकर
अक्टूबर 2026 से शुरू हो रहे 70,000 युवाओं के स्किल ट्रेनिंग बैच — क्या आप पात्र हैं?
🆕 ताज़ा घोषणा (25 सितंबर 2026): 24 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में 2,015 बैच — लगभग 70,000 ग्रामीण युवा अक्टूबर 2026 से ट्रेनिंग शुरू करेंगे।
3–12 महीनेट्रेनिंग अवधि (कोर्स के अनुसार)
70,000युवा — अक्टूबर 2026 बैच
24राज्य/केंद्र शासित प्रदेश
100%प्लेसमेंट-लिंक्ड ट्रेनिंग
आगे क्या करें?
अपने राज्य की DDU-GKY वेबसाइट या नज़दीकी कौशल केंद्र पर बैच की जानकारी लें।
Project Implementing Agency (PIA) के माध्यम से नामांकन कराएं — कोई फीस नहीं।
NSQF-मान्यता प्राप्त कोर्स चुनें — ट्रेनिंग के बाद प्लेसमेंट सहायता मिलती है।
दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना (DDU-GKY) ग्रामीण युवाओं को रोज़गार से जुड़ी कौशल ट्रेनिंग देने वाली केंद्र प्रायोजित योजना है। 25 सितंबर 2026 को ग्रामीण विकास मंत्रालय ने DDU-GKY 2.0 के बैचों की घोषणा की।
अक्टूबर 2026 से 24 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 2,015 बैच शुरू होंगे, जिनमें लगभग 70,000 ग्रामीण युवा ट्रेनिंग लेंगे। राज्यों को 31 अक्टूबर 2026 तक PIA को लक्ष्य आवंटन पूरा करना है।
पात्रता: 15 से 35 वर्ष की आयु के ग्रामीण युवा, आर्थिक रूप से वंचित परिवारों से। ट्रेनिंग अवधि 3 से 12 महीने (कोर्स के अनुसार) और NSQF-मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रमों में PPP मोड पर दी जाती है।
2-वर्षीय अवधि (2026–28) के लिए 31 भागीदार राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को 9 लाख से अधिक लक्ष्य आवंटित किए गए हैं; 24 राज्यों ने 1,200 से अधिक परियोजनाओं के लिए 5.6 लाख लक्ष्य PIAs को दे दिए हैं।
ट्रेनिंग प्लेसमेंट से जुड़ी है — यानी कोर्स के बाद रोज़गार सहायता मिलती है। यह स्किल इंडिया, मेक इन इंडिया और डिजिटल इंडिया अभियानों का हिस्सा है।
नोट: यह एक स्वतंत्र मार्गदर्शिका है, सरकारी वेबसाइट नहीं। बैच और नामांकन की अंतिम जानकारी अपने राज्य की DDU-GKY एजेंसी या ddugky.gov.in से प्राप्त करें।
15–35 वर्ष की आयु के ग्रामीण युवा, आर्थिक रूप से वंचित परिवारों से।
ट्रेनिंग की अवधि कितनी है?
3 से 12 महीने — कोर्स और कौशल आवश्यकता के अनुसार।
क्या ट्रेनिंग फ्री है?
हां, पात्र युवाओं के लिए प्रशिक्षण निःशुल्क है और प्लेसमेंट सहायता मिलती है।
अक्टूबर 2026 बैच में कितने युवा होंगे?
लगभग 70,000 युवा, 24 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में 2,015 बैचों में।
आवेदन कैसे करें?
अपने राज्य की DDU-GKY एजेंसी या Project Implementing Agency (PIA) से संपर्क करें — ddugky.gov.in पर जानकारी उपलब्ध है।
क्या यह सरकारी वेबसाइट है?
नहीं। यह स्वतंत्र मार्गदर्शिका है।
आवेदन के लिए कौन-से दस्तावेज़ चाहिए?
आमतौर पर आधार कार्ड, आयु प्रमाण (जन्म प्रमाणपत्र या 10वीं की मार्कशीट), ग्रामीण निवास प्रमाण, शैक्षणिक प्रमाणपत्र और पासपोर्ट साइज़ फोटो चाहिए होते हैं। सटीक सूची राज्य की DDU-GKY एजेंसी या PIA नामांकन के समय देगी। मूल दस्तावेज़ और उनकी फोटोकॉपी दोनों साथ रखें — सत्यापन के बिना नामांकन पूरा नहीं होता।
कौन-से ट्रेड या कोर्स चुन सकते हैं?
NSQF-मान्यता प्राप्त कई क्षेत्रों में कोर्स होते हैं — जैसे सिलाई और परिधान, इलेक्ट्रीशियन, प्लंबिंग, हेल्थकेयर असिस्टेंट, रिटेल, हॉस्पिटैलिटी और बेसिक कंप्यूटर। उपलब्ध ट्रेड आपकी राज्य PIA और स्थानीय रोज़गार की मांग पर निर्भर करते हैं। काउंसलिंग के समय अपनी रुचि और पढ़ाई के स्तर के हिसाब से कोर्स चुनें।
क्या ट्रेनिंग के बाद नौकरी पक्की मिलेगी?
नौकरी की गारंटी नहीं दी जाती, लेकिन DDU-GKY प्लेसमेंट से जुड़ी योजना है — कोर्स पूरा करने पर PIA रोज़गार दिलाने में मदद करती है। सफलता आपकी उपस्थिति, सीखने की गंभीरता और प्रयास पर निर्भर करती है। जो युवा ट्रेनिंग पूरी लगन से करते हैं, उन्हें संगठित क्षेत्र में रोज़गार के बेहतर अवसर मिलते हैं।
क्या स्कूल छोड़े या 10वीं फेल युवा आवेदन कर सकते हैं?
हां, कर सकते हैं। DDU-GKY का मक़सद ही ऐसे युवाओं को हुनर देना है जो पढ़ाई बीच में छोड़ चुके हैं। कई ट्रेड ऐसे हैं जिनमें न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता की शर्त नहीं होती। काउंसलिंग में आपकी मौजूदा शिक्षा के अनुसार उपयुक्त कोर्स सुझाया जाता है — इसलिए पढ़ाई अधूरी होना कोई बाधा नहीं है।
PIA क्या होती है और असली PIA कैसे पहचानें?
PIA यानी Project Implementing Agency — वे संस्थाएं जो सरकार की ओर से ट्रेनिंग देती हैं। असली PIA की सूची ddugky.gov.in पर मिलती है, और नामांकन हमेशा अधिकृत केंद्र या राज्य DDU-GKY एजेंसी के माध्यम से होता है। कोई भी असली PIA ट्रेनिंग के लिए फीस नहीं मांगती — फीस मांगे तो वह फर्जी है।
नामांकन के नाम पर पैसे मांगे जाएं तो क्या करें?
पैसे बिल्कुल न दें — पात्र युवाओं के लिए DDU-GKY की ट्रेनिंग पूरी तरह निःशुल्क है। पैसे मांगने वाला व्यक्ति या एजेंट धोखेबाज़ है। उसका नाम, फोन नंबर और केंद्र का पता नोट करके राज्य की DDU-GKY एजेंसी या ddugky.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं। आपकी शिकायत दूसरे युवाओं को भी ठगी से बचा सकती है।
क्या दिव्यांग युवा आवेदन कर सकते हैं?
हां, दिव्यांग युवा भी आवेदन कर सकते हैं — योजना सभी पात्र ग्रामीण युवाओं के लिए खुली है। नामांकन के समय अपनी ज़रूरतों के बारे में PIA को स्पष्ट बताएं ताकि उपयुक्त ट्रेड और सहायता मिल सके। दिव्यांगता प्रमाणपत्र साथ रखें, क्योंकि कुछ राज्यों में विशेष प्रावधान या प्राथमिकता भी दी जाती है।
ट्रेनिंग पूरी करने पर क्या प्रमाणपत्र मिलेगा?
कोर्स सफलतापूर्वक पूरा करने पर NSQF-मान्यता प्राप्त प्रमाणपत्र मिलता है, जो पूरे देश में मान्य होता है। यह प्रमाणपत्र नौकरी के आवेदन में आपके कौशल का आधिकारिक सबूत होता है। इस पर आपका नाम, ट्रेड और योग्यता स्तर दर्ज होता है — इसे संभालकर रखें, रोज़गार के समय यही आपकी असली पहचान है।
चयन और नामांकन की प्रक्रिया क्या है?
पहले PIA के केंद्र या शिविर में काउंसलिंग होती है, जहां आपकी रुचि और योग्यता के अनुसार कोर्स सुझाया जाता है। फिर दस्तावेज़ों का सत्यापन होता है और पात्र पाए जाने पर बैच में नामांकन मिलता है। अक्टूबर 2026 के बैचों की तारीख़ और सीटों की जानकारी अपने राज्य की DDU-GKY एजेंसी से पहले ही पता कर लें।
ग्रामीण क्षेत्र का प्रमाण कैसे देना होगा?
निवास प्रमाण पत्र, राशन कार्ड या ग्राम पंचायत द्वारा जारी प्रमाण पत्र से ग्रामीण निवास साबित किया जा सकता है। आधार कार्ड पर दर्ज पता भी सहायक होता है, लेकिन अंतिम निर्णय राज्य एजेंसी के नियमों के अनुसार होता है। प्रमाण पत्र न हो तो पंचायत कार्यालय से बनवाना सबसे आसान तरीका है।
संबंधित प्रश्न
समुदाय प्रश्न-उत्तर
समुदाय बीटा में है — स्वचालित जांच के बाद प्रश्न तुरंत दिखते हैं।
अभी कोई प्रश्न नहीं — सबसे पहले पूछें!
हम कोई ट्रैकिंग कुकीज़ इस्तेमाल नहीं करते। सिर्फ आपकी पसंद आपके डिवाइस पर सहेजी जाती है। गोपनीयता नीति