सूर्य घर सोलर सब्सिडी: 3kW पर ₹78,000 कैलकुलेटर

PM सूर्य घर योजना में ₹78,000 तक की सोलर सब्सिडी का तुरंत हिसाब लगाएं — 1kW से 5kW तक की लागत, शुद्ध खर्च और मासिक बचत जानें। बिल्कुल मुफ्त, कोई डेटा नहीं लिया जाता।

By Scheme Tools Editorial Team · अंतिम अपडेट: 2026-10-10

सूर्य घर सोलर सब्सिडी: 3kW पर ₹78,000 कैलकुलेटर

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अवलोकन

प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का लक्ष्य 31 मार्च 2027 तक 1 करोड़ घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाना है — ₹75,021 करोड़ के बजट के साथ। पात्र घरों को हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली का लक्ष्य है।

केंद्रीय सब्सिडी: 1 kW पर ₹30,000, 2 kW पर ₹60,000, और 3 kW या अधिक पर अधिकतम ₹78,000। 3 kW से बड़े सिस्टम पर भी सब्सिडी ₹78,000 ही रहती है।

पात्रता: भारतीय नागरिक, सोलर के लिए उपयुक्त छत वाला स्वयं का घर, वैध बिजली कनेक्शन, और पहले कोई सोलर सब्सिडी न ली हो। किरायेदार स्वतंत्र रूप से दावा नहीं कर सकते।

आवेदन: pmsuryaghar.gov.in पर राज्य, DISCOM और उपभोक्ता संख्या के साथ पंजीकरण → DISCOM अनुमोदन → अधिकृत विक्रेता से स्थापना → नेट-मीटर → सब्सिडी 15–30 दिन में सीधे बैंक खाते में।

हरियाणा जैसे राज्यों में 1.5 लाख से अधिक घरों में पैनल लग चुके हैं और उनका बिजली बिल शून्य हो गया है। कुछ राज्य केंद्रीय सब्सिडी के ऊपर अतिरिक्त प्रोत्साहन भी देते हैं।

नोट: यह एक स्वतंत्र मार्गदर्शिका है, सरकारी वेबसाइट नहीं। अंतिम जानकारी pmsuryaghar.gov.in या अपने DISCOM से प्राप्त करें।

In-depth guides

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

3 kW सिस्टम पर कितनी सब्सिडी मिलेगी?
₹78,000 — यह अधिकतम केंद्रीय सब्सिडी है। 3 kW से बड़े सिस्टम पर भी इतनी ही मिलेगी।
1 kW सिस्टम की लागत कितनी आती है?
लगभग ₹60,000–70,000 (सब्सिडी से पहले) — विक्रेता और तकनीक के अनुसार। सब्सिडी के बाद शुद्ध लागत ~₹30,000–40,000।
सब्सिडी खाते में कब आती है?
स्थापना और DISCOM निरीक्षण के बाद 15–30 दिन में सीधे बैंक खाते में (DBT)।
क्या किरायेदार आवेदन कर सकते हैं?
नहीं — मकान मालिक होना और बिजली कनेक्शन अपने नाम पर होना ज़रूरी है।
आवेदन कहां करें?
केवल pmsuryaghar.gov.in पर। कोई अन्य वेबसाइट असली नहीं है।
क्या यह सरकारी वेबसाइट है?
नहीं। यह स्वतंत्र मार्गदर्शिका है।
मेरे बिजली बिल के हिसाब से कितने kW का सोलर सिस्टम चुनूं?
अपने मासिक बिल की यूनिट देखिए — अच्छी धूप में 1 kW सोलर आमतौर पर महीने में 120–150 यूनिट बिजली बनाता है। यानी 300 यूनिट तक की खपत पर 2 kW और उससे ऊपर पर 3 kW सिस्टम उपयुक्त रहता है। ज़रूरत से बड़ा सिस्टम न लगाएं, क्योंकि अधिकतम सब्सिडी ₹78,000 ही है।
आवेदन प्रक्रिया के मुख्य चरण क्या-क्या हैं?
पहले pmsuryaghar.gov.in पर राज्य, DISCOM और उपभोक्ता संख्या के साथ पंजीकरण करें। फिर DISCOM से तकनीकी अनुमोदन मिलता है, उसके बाद पंजीकृत विक्रेता से स्थापना और नेट-मीटर लगवाएं। आखिर में चालू होने का प्रमाणपत्र जमा करें — सब्सिडी 15–30 दिन में सीधे बैंक खाते में आती है।
आवेदन के लिए कौन-कौन से दस्तावेज़ ज़रूरी हैं?
आपको चाहिए: आधार कार्ड (सब्सिडी के लिए आधार प्रमाणीकरण अनिवार्य है), बैंक खाते का विवरण, बिजली का बिल और छत की तस्वीरें। सभी दस्तावेज़ पोर्टल पर स्कैन करके अपलोड करने होते हैं। आवेदन से पहले इन्हें तैयार रखेंगे तो प्रक्रिया तेज़ होगी और त्रुटियों से बचेंगे।
क्या सोलर पैनल लगवाने के लिए बैंक लोन मिलता है?
हां, कई सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक किफायती ब्याज दरों पर सोलर लोन उपलब्ध कराते हैं, जिससे स्थापना की बाकी लागत किस्तों में चुकाई जा सकती है। लोन की शर्तें बैंक के अनुसार अलग-अलग होती हैं, इसलिए नज़दीकी बैंक शाखा या pmsuryaghar.gov.in पर जानकारी देखकर ही आवेदन करें।
नेट-मीटर लगवाने की प्रक्रिया और खर्च क्या है?
स्थापना के बाद आपका DISCOM आवेदन पर नेट-मीटर लगाता है, जिससे बची हुई बिजली ग्रिड को जाती है और बिल घटता है। नेट-मीटर की प्रक्रिया और शुल्क हर DISCOM में अलग होता है — कुछ में यह विक्रेता के पैकेज में शामिल होता है, कहीं अलग से चुकाना पड़ता है। पहले से शुल्क स्पष्ट कर लें।
आवेदन करते समय लोग कौन-सी आम गलतियाँ करते हैं?
सबसे आम गलतियाँ: उपभोक्ता संख्या या DISCOM गलत भरना, बिना DISCOM अनुमोदन के स्थापना करा लेना, और गैर-पंजीकृत विक्रेता से काम कराना। कई लोग अनुमोदन से पहले पैनल लगवा लेते हैं, जिससे सब्सिडी अटक जाती है। सही क्रम है: पंजीकरण → अनुमोदन → स्थापना।
फर्ज़ी वेबसाइटों और एजेंटों से कैसे बचें?
याद रखें — आवेदन केवल pmsuryaghar.gov.in पर होता है और सरकार ने कोई एजेंट नियुक्त नहीं किया है। जो भी व्यक्ति आवेदन करवाने के नाम पर पैसे मांगे या फर्ज़ी वेबसाइट पर पंजीकरण कराए, वह धोखेबाज़ है। अपना आधार, बैंक विवरण और OTP किसी से साझा न करें।
सोलर पैनलों की सफाई और देखभाल कैसे करें?
पैनलों पर जमा धूल उत्पादन घटाती है, इसलिए महीने में एक-दो बार सुबह या शाम नरम कपड़े और पानी से साफ करें। पेड़ या नई निर्माण से छाया न पड़ने दें। इनवर्टर और कनेक्शनों की सालाना जांच कराएं। पैनल की 25 साल की वारंटी से लाभ उठाने के लिए अधिकृत विक्रेता से ही सर्विस कराएं।
300 यूनिट मुफ्त बिजली का लक्ष्य कैसे पूरा होगा?
300 यूनिट मासिक मुफ्त बिजली योजना का लक्ष्य है, गारंटी नहीं — यह आपकी खपत और उत्पादन पर निर्भर करता है। अच्छी धूप में 2–3 kW का सिस्टम महीने में करीब 300 यूनिट तक बिजली बना सकता है। अगर आपकी खपत उत्पादन से कम रहती है तो बिल लगभग शून्य हो सकता है, जैसा कई घरों में हो चुका है।
सब्सिडी के बाद बाकी की लागत किसे चुकानी पड़ती है?
सब्सिडी के बाद शेष लागत उपभोक्ता को स्वयं चुकानी पड़ती है — जैसे 3 kW सिस्टम पर कुल खर्च में से ₹78,000 घटाकर बाकी राशि आपकी होती है। हालांकि कुछ राज्य केंद्रीय सब्सिडी के ऊपर अतिरिक्त प्रोत्साहन भी देते हैं, इसलिए अपने DISCOM से ताज़ा जानकारी ज़रूर ले लें।

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