देवघर (झारखंड) के एक छोटे-से गांव में 21 साल की सुनीता ने 12वीं पास की है। घर पर वह सिलाई-कढ़ाई का काम करती है, पर महीने की कमाई इतनी नहीं कि घर का खर्च संभल जाए। एक दिन गांव की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने बताया — सरकार ग्रामीण युवाओं को मुफ़्त में हुनर सिखा रही है, और ट्रेनिंग के बाद नौकरी दिलाने में भी मदद करती है। सुनीता की आंखों में पहली बार एक नई उम्मीद जगी।

25 सितंबर 2026 को ग्रामीण विकास मंत्रालय ने ठीक सुनीता जैसे युवाओं के लिए बड़ी घोषणा की — DDU-GKY 2.0 के तहत अक्टूबर 2026 से 70,000 ग्रामीण युवाओं की स्किल ट्रेनिंग शुरू होगी। अगर आपकी आयु 15–35 वर्ष है और आप ग्रामीण क्षेत्र से हैं, तो यह खबर आपके लिए हो सकती है। इस गाइड में योजना की पात्रता, कोर्स, अवधि और नामांकन की पूरी प्रक्रिया आसान भाषा में समझाई गई है।

DDU-GKY 2.0 आखिर है क्या?

दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना — जो 2014 में शुरू हुई थी — राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन का एक अहम हिस्सा है। इसका मक़सद सीधा है: गरीब ग्रामीण युवाओं को ऐसे कौशल सिखाना, जिनसे उन्हें स्थायी रोज़गार मिल सके। सिर्फ़ डिग्री नहीं, काम का हुनर — यही इस योजना की आत्मा है।

अब 2.0 चरण में 2026–28 की दो वर्षीय अवधि के लिए 9 लाख से अधिक युवाओं का लक्ष्य रखा गया है। प्रशिक्षण NSQF-मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रमों में PPP मोड पर दिया जाता है — यानी सरकार और निजी प्रशिक्षण संस्थाओं की साझेदारी में, ताकि सिखाया गया हुनर बाज़ार की ज़रूरत से जुड़ा हो।

अक्टूबर 2026 बैच — जानने लायक मुख्य तथ्य

24 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 2,015 बैच चलेंगे — जिनमें लगभग 70,000 युवा प्रशिक्षण पाएंगे। 1,200 से अधिक परियोजनाओं के लिए 5.6 लाख का लक्ष्य प्रशिक्षण एजेंसियों (PIAs) को आवंटित किया जा चुका है।

राज्यों को 31 अक्टूबर 2026 तक लक्ष्य आवंटन पूरा करना है, इसलिए अपने राज्य की घोषणा पर नज़र बनाए रखें — बैच राज्यवार शुरू होंगे, एक साथ नहीं। सुनीता ने भी अपने ज़िले की DDU-GKY एजेंसी से संपर्क करके अपने राज्य के बैच की तारीख़ पता कर ली है।

कौन-कौन से कोर्स मिलते हैं?

ट्रेनिंग की अवधि 3 से 12 महीने तक होती है — कोर्स रोज़गार की मांग के अनुसार तय होते हैं। हेल्थकेयर असिस्टेंट, रिटेल, हॉस्पिटैलिटी, IT, निर्माण और परिधान जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण मिलता है। यानी जो काम बाज़ार में बिकता है, वही सिखाया जाता है। सुनीता ने हेल्थकेयर असिस्टेंट का 6 महीने का कोर्स चुना है — उसके गांव के नज़दीकी शहर में अस्पतालों में इसकी अच्छी मांग है।

सभी कोर्स NSQF से जुड़े होते हैं, यानी प्रमाणपत्र की राष्ट्रीय मान्यता होती है। और सबसे अच्छी बात — ट्रेनिंग के बाद प्लेसमेंट सहायता, यानी नौकरी दिलाने में मदद, योजना का अनिवार्य हिस्सा है। यह स्किल इंडिया, मेक इन इंडिया और डिजिटल इंडिया अभियानों से भी जुड़ी है।

कोर्स चुनते समय एक समझदारी की बात: वही हुनर चुनिए जिसकी आपके आस-पास मांग हो। सुनीता ने पहले ब्यूटीशियन कोर्स सोचा था, पर गांव के पास के शहर में अस्पताल खुलने की खबर सुनकर हेल्थकेयर असिस्टेंट चुना — जहां नौकरी मिलने की संभावना ज़्यादा थी। PIA से पूछिए कि पिछले बैच के कितने युवाओं को काम मिला — यही असली पैमाना है।

पात्रता जांचें और नामांकन कराएं

पात्रता सरल है: 15 से 35 वर्ष की आयु, ग्रामीण क्षेत्र का निवास, और आर्थिक रूप से वंचित परिवार। इस पेज पर ऊपर दिया गया पात्रता और ट्रेनिंग फाइंडर आज़माइए — आयु स्लाइडर से कुछ सेकंड में पता चल जाएगा कि आप पात्र हैं या नहीं, और अगले चरण क्या होंगे। यह टूल पूरी तरह मुफ़्त है और आपका कोई डेटा कहीं नहीं जाता।

नामांकन के लिए अपने ज़िले या राज्य की DDU-GKY कार्यान्वयन एजेंसी या PIA (Project Implementing Agency) से संपर्क करें। ddugky.gov.in पर राज्यवार जानकारी उपलब्ध है — वहीं से शुरुआत करें। नामांकन के समय आयु प्रमाण, निवास प्रमाण और शैक्षणिक दस्तावेज़ साथ रखें।

एक और ज़रूरी बात: नामांकन के समय आपका मोबाइल नंबर सही दर्ज हो — बैच की सूचना SMS पर ही आती है। और अगर आप 12वीं से कम पढ़े हैं, तो भी घबराएं नहीं — कई कोर्स 8वीं या 10वीं पास युवाओं के लिए भी हैं।

एक ज़रूरी चेतावनी — धोखेबाज़ों से बचें

यह बात गांठ बांध लीजिए: DDU-GKY की ट्रेनिंग पात्र युवाओं के लिए पूरी तरह निःशुल्क है। जो भी आपसे नामांकन या नौकरी के नाम पर पैसे मांगे — समझ लीजिए वह धोखेबाज़ है। सुनीता के गांव में भी एक व्यक्ति 2,000 रुपये लेकर फॉर्म भरने की बात कह रहा था; उसने मना कर दिया और सीधे सरकारी एजेंसी से संपर्क किया।

आख़िरी बात दोस्ताना अंदाज़ में: यह लेख सिर्फ़ जानकारी के लिए एक स्वतंत्र गाइड है — हमारा किसी सरकार से कोई संबंध नहीं है। बैच और नामांकन की अंतिम जानकारी अपने राज्य की DDU-GKY एजेंसी या ddugky.gov.in से ही लें।